सेफ्टी एप्स से बेटियों की सुरक्षा को लगेंगे पंख

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गीता यादव

✍️ लेखिका: वरिष्ठ पत्रकार

केंद्र सरकार की एजेंसी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी किये गए ताजा आंकड़े भारतीय समाज में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की भयावह तस्वीर प्रस्तुत्त करते हैं। उठपह की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सालभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के चार लाख से ज्यादा मामले दर्ज किये जाते हैं। ये आंकड़े न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि समाज और सरकार के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं।

महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में महिलाओं के खिलाफ कुल 4,05,861 अपराध दर्ज किये गए। इन अपराधों में बलात्कार, छेड़वाड़, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, साइबर अपराध और अपहरण जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और यौन उत्पीड़न के सामने आए हैं, जो समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति हमारी उदासीनता को दशाते हैं।

आंकड़ों के अनुसार देश में प्रतिदिन, हर घंटे 51 एफआईआर दर्ज हो रही हैं। ऐसे में जरूरत है कि उनके पास सुरक्षा के कुछ ऐसे हथियार हों, जो उन्हें तत्काल राहत दे सकें। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पहल की है। महिलाओं को हर जगह सुरक्षित महसूस कराने के लिए महिला सुरक्षा एप्लीकेशन लॉन्च की है, जो उनके स्मार्ट फोन के गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं।

जयपुर में पिछले माह की 12 तारीख को एक कोचिंग छात्रा से सरेराह एक युवक द्वारा छेड़छाड़ की घटना हुई। आहत छात्रा ने राजकोप सिटीजन एप के फीचर पर जैसे ही संदेश भेजा, उसके बाद 3 मिनट के अंदर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। छात्रा की सूझ-बूझ और ऐप की मदद से खतरा टल गया। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरी के आईजी शरत कविराज ने बताया कि छेड़छाड़, एसिड अटैक और अपहरण जैसी वारदातों के कारण महिलाओं और बेटियों के लिए सुरक्षा का मुद्दा अहम हो गया है। इसे ध्यान में रखते हुए कई ऐसे ऐप्स बनाए गए हैं, जो गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद हैं। इन ऐप्स में जीपीएस, ट्रेकिंग, इमरजेंसी कॉन्टेक्ट नंबर और सेफ लोकेशन जैसे फीचर्स हैं। इनमें से कुछ ऐप्स सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़े हैं, जिनसे आप पुलिस से ऑडियो या वीडियो के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इमरजेंसी जैसी स्थिति में महिला सहायता के लिए आने वाले वाहन की स्थिति को जांच सकती है। इस स्थिति में कंट्रोल रूम से महिला को फोन भी आता है। उन्होंने बताया कि इन ऐप्स की जानकारी हर महिला को होनी चाहिए, जिससे संकट के समय वह अपनी सुरक्षा के लिए इनका इस्तेमाल कर सके।

हाल के वर्षों में, भारत में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और इमरजेंसी में तुरंत सहायता प्रदान करने के लिए कई समर्पित तकनीकें और मोबाइल एप्लीकेशन विकसित किये गए हैं, जिनकी जानकारी हर महिला को होनी चाहिए…….

  •  112 इंडिया ऐप – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से महिला सुरक्षा के लिए निर्भया पहल के तहत, घर से दूर अकेली रहने वाली महिलाओं को यह ऐप तुरंत डाउनलोड कर लेना चाहिए। इसे महिलाओं की इमरजेंसी कंडीशन में हेल्प के लिए बनाया गया है। इस ऐप में अलग-अलग इमरजेंसी सर्विस उपलब्ध हैं। यह सर्विस इमरजेंसी कंडीशन को ईआरएस तक पहुंचाती है और आस-पास के रजिस्टर्ड स्वयं सेवकों को भी सूचित करती है। यह ऐप देश भर में काम करता है। इसका इस्तेमाल बड़ी ही सावधानी से करने की सलाह दी जाती है।
  •  सेफ्टीपिन ऐप – कामकाजी महिलाओं के लिए यह ऐप फायदेमंद है। यह एक ऐसा ऐप है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षित और असुरक्षित जगहों की जानकारी देता है। अगर आप यात्रा करते समय डरती हैं तो यह ऐप उन लोगों तक आपका संदेश पहुंचा देगा, जिनसे आपको मदद चाहिए।
  •  Women Safety – यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी भाषा को सपोर्ट करता है। महिलाओं की खुद को सुरक्षित रखने के लिए यह ऐप जरूर रखना चाहिए। इसे गूगल प्ले स्टोर से ही इंस्टॉल करना चाहिए।
  •  बी सेफ ऐप – इस ऐप को खासतौर से बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इसमें वॉइस एक्टिवेशन, लाइव स्ट्रीमिंग, ऑडियो, वीडियो रिकॉर्डिंग और लोकेशन ट्रैकिंग जैसे स्पेशल फीचर्स मौजूद हैं। इसमें एसओएस बटन दबाने पर इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर को तुरंत लोकेशन शेयर हो जाती है।
  • मोर सेफ मोबाइल ऐप – यह मोबाइल एप्लीकेशन उस समय भी काम करती है, जब महिलाएं खतरे में होती हैं और अपने स्मार्ट फोन का उपयोग नहीं कर सकती हैं। इसमें फेक कॉल अलर्ट और हैंड्स फ्री एसओएस अलर्ट ट्रिगर जैसी सुविधाएं हैं।
  •  आयएम सेफ मोबाइल ऐप – यह मोबाइल एप्लीकेशन खास तौर पर ऐसी महिलाओं के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें सिर्फ व्हाट्स एप्प और फेसबुक चलाना आता है। इसमें ट्रेक मी फीचर और क्विक अलर्ट की सुविधा है।
  • रक्षा ऐप – यह ऐप मुसीबत की घड़ी में यूजर के परिवार के लोगों को उसकी करंट लोकेशन बताता है। भले ही फोन स्विच ऑफ हो जाए या नेटवर्क न हो, तब भी यह काम करता है।
  • स्मार्ट 24/7 ऐप – यह ऐप इमरजेंसी कॉन्टेक्ट को पैनिक अलर्ट भेजने के साथ-साथ फोटो और रिकॉर्डिंग भी भेजता है।
  • शेक 2 सेफ्टी ऐप – इस ऐप की खासियत यह है कि फोन को हिलाकर या पावर बटन को चार बार दबाकर अलर्ट भेजा जा सकता है।
  • हिम्मत प्लस ऐप – दिल्ली पुलिस द्वारा लॉन्च किया गया ऐप, जो लोकेशन और ऑडियो-वीडियो सीधे पुलिस कंट्रोल रूम तक भेजता है।
  • महिला सुरक्षा ऐप – यह ऐप इमरजेंसी में यूजर की आवाज का 45 सेकंड का संदेश, वीडियो और लोकेशन आपातकालीन नंबर पर भेज सकता है।
  • बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा करेगा स्मार्ट फोन हर दिन देश में हो रही घटनाएं महिलाओं का मनोबल तोड़ती हैं। लेकिन घर से बाहर निकलना जरूरी है। ऐसे में संकट की घड़ी में स्मार्टफोन में मौजूद ये सेफ्टी ऐप्स महिलाओं के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। ये न सिर्फ सुरक्षा का आभास कराते हैं, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं। महिलाओं को चाहिए कि इन ऐप्स की जानकारी रखें और अपने पर्स में इन्हें सुरक्षा टूल की तरह रखें।

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